जानकी नवमी पर उमड़ा जनसैलाब, भव्य शोभायात्रा से गूंजा सीतामढ़ी


सीतामढ़ी, 25 अप्रैल।
माता जानकी के पावन प्राकट्य दिवस “जानकी नवमी” के अवसर पर सीतामढ़ी पूरी तरह भक्ति और उत्साह में डूबा नजर आया। से निकली भव्य शोभायात्रा (निशान यात्रा) में करीब 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आस्था का अद्भुत परिचय दिया। हाथों में ध्वज लिए श्रद्धालु “जय श्रीराम” और “जय सीतामैया” के जयकारों के साथ पूरे नगर का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचे, जहां विधिवत पूजा-अर्चना और ध्वज अर्पण किया गया।

शोभायात्रा शहर के कारगिल चौक, किरण चौक, मेहसौल चौक सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई निकली। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

इस पावन अवसर पर में विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मंदिरों को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिनभर लगी रहीं।

कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री ने भाग लेकर माता जानकी के दर्शन किए तथा 834 वर्ष पुराने ऐतिहासिक राघोपुर बखड़ी राम-जानकी मठ के जीर्णोद्धार का शिलान्यास किया। उन्होंने धार्मिक विरासत के संरक्षण को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया।

पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का सफल संचालन जिला पदाधिकारी ऋचा पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई थी।

इस भव्य आयोजन में कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से देवेश चंद्र ठाकुर, रेखा कुमारी, प्रो. संजय कुमार सिंह, वशिष्ठ लालबाबू, सुनील कुमार पिंटू, गायत्री देवी, वैद्यनाथ प्रसाद, पंकज कुमार मिश्रा, अनिल कुमार, लवली आनंद, रामेश्वर कुमार महतो, प्रो. नागेंद्र झा, अमित कुमार, अदिति कुमारी, रोचक जहां परवीन, सत्येंद्र सिंह कुशवाहा एवं मनीष कुमार गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहा। स्थानीय एवं आमंत्रित कलाकारों ने भजन, लोकगीत, नृत्य और हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कुंदन ठाकुर, शांतिकला केंद्र की टीम, डॉ. पूर्णम सिन्हा, मोनी झा और रविंद्र जॉनी ने शानदार प्रस्तुति दी। वहीं देवजानी बासु के भरतनाट्यम, प्रिया मलिक और अभिजीत भट्टाचार्य के गायन ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। देर रात तक चले इस रंगारंग कार्यक्रम में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही।

पूरे शहर को फूलों, रंग-बिरंगी मालाओं और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। जगह-जगह भव्य झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें माता सीता के जीवन प्रसंगों को दर्शाया गया। भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

माता जानकी के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने उनके त्याग, धैर्य और मर्यादा से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

इस वर्ष का जानकी जन्मोत्सव सीतामढ़ी में ऐतिहासिक और यादगार बन गया, जिसमें आस्था, संस्कृति, परंपरा और जनसहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

👁️ अब तक पढ़ा गया: बार

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.