सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की दूसरी बैठक में कुल 63 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, जल संसाधन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए, जिनसे राज्य के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
⚡ बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट
कैबिनेट ने राज्य में नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹23,165 करोड़ की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इससे बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
🛡️ साइबर सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार
राजधानी पटना में साइबर क्राइम यूनिट के लिए ₹51 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक भवन बनाया जाएगा। साथ ही साइबर ट्रेजरी के लिए 23 नए पदों का सृजन किया गया है। यह कदम डिजिटल अपराधों पर नियंत्रण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में सहायक होगा।
🚰 जल, सड़क और ग्रामीण विकास
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए ₹3601 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कई बड़ी सड़क और पुल परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है, जिनमें गंगा पथ और बक्सर-आरा-मनेर मार्ग प्रमुख हैं। इससे ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
🏥 शिक्षा और स्वास्थ्य में नए कदम
कैबिनेट ने ऑटिज्म सेंटर, कैंसर रिसर्च यूनिट, नए केंद्रीय विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा।
📊 अन्य अहम फैसले
नगर निकायों के बिजली बिल भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करने, खनन ई-नीलामी प्रक्रिया को बढ़ावा देने और आकस्मिकता निधि को बढ़ाकर ₹13,900 करोड़ करने का फैसला लिया गया है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और आम जनता को सीधा लाभ पहुंचेगा। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।
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