बिहार का बांका जिला मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन अब भी मत्स्य बीज (फिश सीड) के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भरता बनी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए मत्स्य विभाग ने अहम पहल की है।
विभाग ने चांदन और रजौन के दो निष्क्रिय सरकारी बीज प्रक्षेत्रों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर विकसित करने का निर्णय लिया है। इस कदम से स्थानीय स्तर पर ही मत्स्य बीज का उत्पादन शुरू हो सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल बाहरी निर्भरता खत्म होगी, बल्कि मछली पालन से जुड़े किसानों को समय पर और सस्ती दर पर बीज उपलब्ध होगा। इससे उत्पादन लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।
इस पहल से जिले में मत्स्य क्षेत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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