बिहार के सरकारी स्कूलों में टैब के जरिए हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था में कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। इसके पीछे दो-तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं, जिनसे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सबसे बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि स्कूलों में जितनी छात्र उपस्थिति दर्ज की जा रही है, वास्तविक संख्या उससे कम है। ऐसे में जब टैब के माध्यम से वास्तविक समय (रियल टाइम) में हाजिरी दर्ज करनी होती है, तो आंकड़ों में अंतर सामने आ जाता है।
दूसरी बड़ी समस्या यह है कि कई स्कूलों में शिक्षकों को टैब चलाने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। सभी शिक्षकों को डिजिटल उपकरणों का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है, जिससे हाजिरी दर्ज करने में परेशानी हो रही है।
इसके अलावा इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर की धीमी गति और तकनीकी खराबी जैसी समस्याएं भी इस व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। इन चुनौतियों के कारण हाजिरी प्रणाली पूरी तरह सुचारु रूप से लागू नहीं हो पा रही है।
शिक्षा विभाग अब इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सुधार पर काम करने की बात कर रहा है, ताकि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
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