पटना, 15 अप्रैल 2026:
बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य में मंत्रियों के बीच विभागों का आधिकारिक बंटवारा कर दिया गया है। यह फैसला मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल के आदेश से लागू किया गया है, जिसके तहत सभी प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी अलग-अलग मंत्रियों को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास अहम विभाग
अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, स्वास्थ्य, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, आपदा प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, पर्यावरण, पर्यटन समेत कुल 29 विभाग शामिल हैं। इससे साफ है कि सरकार की प्रमुख नीतिगत और प्रशासनिक जिम्मेदारियां मुख्यमंत्री के पास ही केंद्रित रहेंगी।
विजय कुमार चौधरी को शिक्षा और ग्रामीण विकास
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-संपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त और ऊर्जा की जिम्मेदारी
दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और ग्रामीण कार्य जैसे विभाग दिए गए हैं। खासकर वित्त और ऊर्जा जैसे अहम विभाग उनके पास होने से आर्थिक और विकास कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
प्रशासनिक संतुलन की कोशिश
सरकार द्वारा किया गया यह विभागीय बंटवारा प्रशासनिक संतुलन और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मुख्यमंत्री के पास जहां रणनीतिक विभाग हैं, वहीं उपमुख्यमंत्रियों को विकास और सेवा से जुड़े अहम विभाग सौंपे गए हैं।
निष्कर्ष
बिहार सरकार के इस नए विभागीय बंटवारे से यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य में विकास कार्यों को गति मिलेगी और विभिन्न योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा।
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