स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला: अब उपभोक्ता चुनेंगे प्रीपेड या पोस्टपेड


उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के मामले में अपनी पसंद का विकल्प मिलेगा। पहले जहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर को अनिवार्य किया जा रहा था, वहीं अब केंद्र सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है।

दरअसल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने 1 अप्रैल 2026 को नई अधिसूचना जारी कर स्मार्ट मीटर नियमों में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत अब उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर में से किसी एक को चुनने का अधिकार दे दिया गया है।


📊 क्या बदला है नए नियम में?

  • स्मार्ट मीटर लगवाना अब भी अनिवार्य रहेगा
  • लेकिन प्रीपेड या पोस्टपेड का विकल्प उपभोक्ता खुद चुन सकेगा
  • बिजली कंपनियां अब उपभोक्ता की पसंद के अनुसार मीटर लगाएंगी

🔋 प्रीपेड स्मार्ट मीटर क्या है?

  • मोबाइल रिचार्ज की तरह पहले पैसे जमा करने होंगे
  • जितना बैलेंस होगा, उतनी ही बिजली इस्तेमाल कर पाएंगे
  • बैलेंस खत्म होने पर बिजली स्वतः बंद हो सकती है
  • खर्च पर बेहतर नियंत्रण मिलता है

🧾 पोस्टपेड स्मार्ट मीटर क्या है?

  • पारंपरिक मीटर की तरह महीने के अंत में बिल आएगा
  • पहले बिजली उपयोग करें, बाद में भुगतान करें
  • अगर समय पर बिल नहीं भरा तो चक्रवृद्धि ब्याज देना पड़ सकता है

⚖️ उपभोक्ता के लिए क्या है बेहतर?

  • अगर आप खर्च को कंट्रोल करना चाहते हैं → प्रीपेड बेहतर
  • अगर आप पुराने तरीके से बिल भरना चाहते हैं → पोस्टपेड बेहतर


सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें किसी एक सिस्टम को जबरन अपनाने की जरूरत नहीं होगी। अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से वे स्मार्ट मीटर का विकल्प चुन सकेंगे।

👉 कुल मिलाकर यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

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