बिहार में चांदन नदी के प्रतिबंधित घाटों से हो रहे अवैध बालू उठाव ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि बालू तस्कर बड़े पैमाने पर खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इस अवैध गतिविधि का असर सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। जिन रास्तों से होकर ट्रैक्टरों में बालू ढोया जाता है, वहां रात के समय बाइक या पैदल चलना बेहद जोखिम भरा हो गया है। तेज रफ्तार वाहनों और अनियंत्रित आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार विरोध करने पर तस्करों की ओर से धमकी भी मिलती है, जिससे डर का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान होता है, जिससे नदी के प्रवाह और आसपास के इलाकों पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
अब जरूरत है कि प्रशासन इस पर सख्ती से कार्रवाई करे, ताकि राजस्व की हानि रोकी जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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