पटना: पटना का ‘1 अणे मार्ग’ सिर्फ एक पता नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता और सियासत का सबसे ताकतवर केंद्र माना जाता है। यहां रहना किसी भी मुख्यमंत्री के लिए प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी दोनों का प्रतीक होता है।
करीब दो दशक तक इस आवास में रहे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के 18 दिन बाद शनिवार को ‘1 अणे मार्ग’ खाली कर दिया। उनके लंबे कार्यकाल में यह आवास ‘सुशासन’ और विकास की राजनीति का प्रतीक बना रहा।
अब इस प्रतिष्ठित मुख्यमंत्री आवास में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रहेंगे। भवन निर्माण विभाग ने 1 मई से यह बंगला आधिकारिक रूप से उनके नाम आवंटित कर दिया है।
नीतीश कुमार अब 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट हो गए हैं, जहां वे पहले भी रह चुके हैं। वर्ष 2014 में जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर जीतन राम मांझी को जिम्मेदारी सौंपी थी, तब भी वे इसी आवास में रहे थे।
‘1 अणे मार्ग’ की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा से बेहद कड़ी रही है। आम लोगों के लिए इस रास्ते से गुजरना भी सतर्कता के साथ होता है, क्योंकि हर कुछ दूरी पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इसे पटना का ‘लुटियन जोन’ भी कहा जाता है, जहां सत्ता के सबसे बड़े फैसले लिए जाते हैं।
नीतीश कुमार के कार्यकाल में इस आवास से कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए, जिन्होंने बिहार के विकास, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं को नई दिशा दी। अब देखना होगा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में ‘1 अणे मार्ग’ से बिहार की राजनीति और विकास की नई कहानी कैसे लिखी जाती है।
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