बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े लंबित दाखिल-खारिज मामलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 120 दिनों से अधिक समय से लंबित सभी दाखिल-खारिज मामलों का अगले 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा किया जाए।
विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि राज्य के कई अंचलों में दाखिल-खारिज के मामले तय समय सीमा से काफी अधिक समय तक लंबित पड़े हैं। नियम के अनुसार अविवादित मामलों का निपटारा 35 दिनों के भीतर और विवादित मामलों का निष्पादन 75 दिनों के अंदर होना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर यह अवधि 120 दिनों से भी आगे निकल चुकी है।
स्थिति को गंभीर मानते हुए विभाग के सचिव ने सभी जिलों को अंचलवार लंबित मामलों की सूची भेजी है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के अंचलाधिकारियों से तत्काल कार्रवाई कराएं और लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करें।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में दाखिल-खारिज के मामले 75 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहने चाहिए। इसके लिए जिला स्तर पर नियमित निगरानी और समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि समय पर दाखिल-खारिज होने से जमीन विवादों में कमी आएगी और आम लोगों को राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। साथ ही भूमि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार भी होगा।
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