बिहार के सीमावर्ती शहर रक्सौल में बनने वाले प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने परियोजना स्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर बिहार के लिए एक बड़ा हवाई केंद्र साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस एयरपोर्ट का रनवे जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से करीब 360 मीटर लंबा होगा।
सांसद ने जानकारी दी कि रनवे को तिलावे नदी के उस पार तक विस्तारित किया जाएगा, ताकि बड़े विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सके। इससे एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
परियोजना के लिए लगभग 139 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई है। इसमें से करीब 70 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष प्रक्रिया तेजी से जारी है। कंसल्टेंसी टेंडर भी जारी हो चुका है और अगले तीन महीनों में डिजाइन तैयार होने की संभावना जताई जा रही है।
डॉ. संजय जायसवाल के अनुसार, यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो लगभग 18 महीनों में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दो महीने तक ट्रायल संचालन चलेगा और करीब 20 महीनों के भीतर रक्सौल से हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
यह एयरपोर्ट शुरू होने के बाद भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। खासकर व्यापार, पर्यटन और यातायात संपर्क को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही उत्तर बिहार और सीमावर्ती इलाकों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए पटना जाने की मजबूरी से राहत मिल सकती है।
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