देश में युवाओं और कामकाजी पुरुषों की अचानक हो रही मौतों को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। National Crime Records Bureau (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 30 से 60 वर्ष आयु वर्ग में आकस्मिक मौतों के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2017 में इस आयु वर्ग में आकस्मिक मौतों की संख्या 23,396 थी, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 42,688 तक पहुंच गई। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हार्ट अटैक के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2017 में जहां 14,011 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई थी, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 23,600 हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों में गिरावट इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।
National Crime Records Bureau के आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाएं अब भी अचानक मौतों का सबसे बड़ा कारण बनी हुई हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही से ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी बड़ी वजह मानी जा रही है।
इधर, कोविड वैक्सीन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने भी अपना पक्ष स्पष्ट किया है। Ministry of Health and Family Welfare ने कहा है कि Indian Council of Medical Research (ICMR) और National Centre for Disease Control (NCDC) की रिसर्च में कोविड वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच किसी भी सीधे संबंध के प्रमाण नहीं मिले हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को नियमित हेल्थ चेकअप, संतुलित आहार, व्यायाम और तनाव कम करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि अचानक होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सके।
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