वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति यानी गुरु को ज्ञान, धन, विवाह, संतान और सौभाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु किसी शुभ नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इस बार 18 जून 2026 को रात 09:32 बजे गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है, जिसे ज्योतिष में बेहद शुभ माना जाता है। गुरु इस नक्षत्र में 18 अगस्त 2026 तक रहेंगे।
पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। इसके स्वामी शनि देव हैं और देवता स्वयं बृहस्पति माने जाते हैं। ऐसे में यह गोचर कई राशियों के लिए भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।
मेष राशि
गुरु का यह गोचर मेष राशि वालों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में शानदार परिणाम दे सकता है। नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में लाभ और नए अवसर मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय धन लाभ और करियर ग्रोथ लेकर आ सकता है। नई नौकरी या बिजनेस में विस्तार के योग बनेंगे। विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। विदेश से जुड़े कार्यों में भी लाभ मिलने के संकेत हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का यह नक्षत्र गोचर भाग्य का पूरा साथ दिला सकता है। अचानक धन लाभ, नई संपत्ति खरीदने और निवेश से फायदा होने की संभावना है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
तुला राशि
तुला राशि वालों को इस दौरान करियर में नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं। नौकरी बदलने का विचार सफल हो सकता है। व्यापार में मुनाफा बढ़ेगा और पुराने विवाद खत्म होने के योग हैं। वैवाहिक जीवन में भी मधुरता आएगी।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए यह गोचर इनके लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और नौकरी में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत बनेंगे और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मजबूती और मानसिक शांति देने वाला हो सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग मिलेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य भी बेहतर रहने के संकेत हैं।
क्या रखें ध्यान?
हालांकि गुरु का यह गोचर कई राशियों के लिए शुभ रहेगा, लेकिन कुंडली की स्थिति के अनुसार प्रभाव अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में नियमित रूप से पूजा-पाठ, गुरु मंत्र का जाप और जरूरतमंदों की सहायता करना लाभकारी माना जाता है।
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