बिहार में वर्ष 2027 में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार पंचायत चुनाव के बाद नगर निकायों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। परिसीमन के बाद ही नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव की दिशा तय होगी।
सूत्रों के अनुसार सरकार की कोशिश इस बार नगर निकाय चुनाव समय पर कराने की है, ताकि वर्तमान जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद नई व्यवस्था लागू की जा सके। इसके लिए प्रशासनिक विभागों ने प्रारंभिक स्तर पर योजना बनानी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि परिसीमन के दौरान आबादी, क्षेत्रफल, भौगोलिक परिस्थितियों और शहरी विस्तार को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती जनसंख्या और नए आवासीय इलाकों को देखते हुए वार्डों की सीमाओं में बदलाव हो सकता है। साथ ही कुछ स्थानों पर नए वार्डों के गठन की संभावना भी जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए परिसीमन से स्थानीय प्रतिनिधित्व और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। वार्डों के पुनर्गठन से जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, राजनीतिक गतिविधियां भी धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। संभावित उम्मीदवार अभी से अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने लगे हैं। बिहार के विभिन्न जिलों में चुनावी समीकरणों और संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाएगा। इसके बाद चुनाव आयोग निर्धारित समयसीमा के अनुसार चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है।
नगर निकाय चुनाव को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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