भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने आधार नामांकन और अपडेट प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों को आधार (नामांकन और अपडेट) प्रथम संशोधन नियम, 2026 नाम दिया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य आधार प्रक्रिया को अधिक आसान, डिजिटल और लोगों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
खासकर बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। अब आधार बनवाने और अपडेट कराने के लिए पहले से ज्यादा दस्तावेज मान्य होंगे, जिससे लोगों को कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बच्चों के आधार नामांकन में बड़ा बदलाव
नए नियमों के अनुसार बच्चों के आधार नामांकन को दो हिस्सों में बांटा गया है।
5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए
- परिवार के मुखिया (HoF) आधारित नामांकन जरूरी होगा।
- जन्म प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाएगा।
- माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
दस्तावेजों को लेकर सख्त नियम
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि:
- सभी दस्तावेज वैध होने चाहिए।
- दस्तावेज आवेदक के नाम पर होने जरूरी हैं।
- पहचान प्रमाण (PoI) में फोटो होना अनिवार्य रहेगा।
- सभी दस्तावेजों में नाम और जन्मतिथि एक जैसी होनी चाहिए।
अब ज्यादा दस्तावेज होंगे मान्य
UIDAI ने पहचान प्रमाण (PoI), पते के प्रमाण (PoA) और जन्मतिथि के लिए स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची को बढ़ा दिया है।
अब लोग:
- कई नए सरकारी दस्तावेज
- डिजिटल दस्तावेज
- अन्य वैध पहचान प्रमाण
का उपयोग कर सकेंगे।
UIDAI का कहना है कि इन बदलावों से कागजी प्रक्रिया कम होगी और ज्यादा लोग आसानी से आधार सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
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