दरभंगा के ऐतिहासिक राज किला में सुबह-सुबह हुए खूनी तांडव की गुत्थी अब धीरे-धीरे सुलझती दिखाई दे रही है। चाय दुकानदार श्रवण राम की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में फैले भय और आक्रोश के बीच पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर मामले की कई परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि ब्लू कलर की पल्सर 220 पर सवार अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया था। CCTV फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और मानवीय आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र निवासी हीरा लाल उर्फ रोहित उर्फ पन्नू सिंह उर्फ चुनू सिंह उर्फ केशव कुमार को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में अपराध जगत के ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसकी जड़ें दरभंगा, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर तक फैली बताई जा रही हैं। पुलिस छापेमारी के दौरान तीन अवैध पिस्टल, 79 जिंदा कारतूस, पांच मैगजीन, घटना में इस्तेमाल काले-नीले रंग की पल्सर 220, कई फर्जी नंबर प्लेट, 15 मोबाइल फोन और अपराध में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।
मामले की सबसे दर्दनाक सच्चाई यह है कि श्रवण राम अपराधियों का निशाना नहीं थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने सड़क पर एक व्यक्ति को लूट से बचाने की कोशिश की थी। इंसानियत निभाने की इसी कोशिश की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। अपराधियों ने इतनी बेरहमी से गोली चलाई कि मौके पर अफरातफरी मच गई और पूरा इलाका दहशत में आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर टूटी हुई चैन, खून से सना दृश्य और तेज रफ्तार से भागती बाइक आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। रामबाग गेट, झगरुआ मस्जिद और सिपाही लाइन के आसपास रहने वाले लोगों में अब भी डर का माहौल बना हुआ है।
विश्वविद्यालय थाना कांड संख्या 135/26 दर्ज होने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर SIT गठित की गई। जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर अपराधियों के संभावित ठिकानों का पता लगाया गया। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एक किराए के कमरे पर छापेमारी में पुलिस को हथियारों और अपराध से जुड़े कई अहम सुराग मिले।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार अपराधी पर पहले से हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों के साथ कई जिलों में चैन स्नैचिंग और हथियारबंद घटनाओं में शामिल होने की बात भी स्वीकार की है।
अब पुलिस फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि लोगों के मन में अब भी कई सवाल बने हुए हैं—क्या श्रवण राम को पूरी तरह इंसाफ मिलेगा? क्या गोली चलाने वाला मुख्य शूटर भी पुलिस गिरफ्त में आएगा? और क्या दरभंगा की सड़कों पर अपराध का यह नेटवर्क पूरी तरह खत्म होगा?
राज किला की सुबह अब पहले जैसी नहीं रही। जहां कभी चाय की खुशबू और रोजमर्रा की हलचल रहती थी, वहां अब लोग हर गुजरती बाइक को शक की नजर से देख रहे हैं। लोग सिर्फ एक बात कह रहे हैं—जिसने इंसानियत बचाने की कोशिश की, उसे गोलियों से खामोश कर दिया गया।
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