बिहार में फिलहाल बारिश का दौर जारी है, लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के बाद राज्य में एक बार फिर गर्मी और लू का प्रभाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही जून महीने में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिसका असर जुलाई में भी देखने को मिल सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार जून महीने में बिहार में सामान्य वर्षा का मानक 163.3 मिमी है, लेकिन इस वर्ष वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो धान की खेती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बढ़ जाएगी।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी मानसून पूर्वानुमान के मुताबिक जून के दौरान राज्य का औसत अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। कुछ जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक Ashish Kumar ने बताया कि बिहार में जून से सितंबर तक पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम वर्षा होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा राज्य के कुछ जिलों में लू चलने वाले दिनों की संख्या भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जून और जुलाई में बारिश सामान्य से कम रहती है तो धान की रोपाई और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा। ऐसे में किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखने और वैकल्पिक कृषि योजनाओं पर विचार करने की सलाह दी जा रही है।
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