हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में कटौती पर उठे सवाल, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज


राजस्थान की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में राज्य सरकार ने निर्दलीय विधायक Ravindra Singh Bhati की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटाया था। अब Hanuman Beniwal की सुरक्षा में भी कटौती कर दी गई है। जयपुर कमिश्नरेट की ओर से उनकी सुरक्षा में लगे तीन सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया गया है।

गौरतलब है कि रविंद्र सिंह भाटी और हनुमान बेनीवाल दोनों ही ऐसे नेता माने जाते हैं, जो विभिन्न जन आंदोलनों और सरकार विरोधी अभियानों के माध्यम से लगातार राज्य सरकार पर दबाव बनाते रहे हैं। दोनों नेताओं के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी जाती रही है, जिसके कारण उनकी सुरक्षा को लेकर भी समय-समय पर चर्चा होती रही है।

हालांकि सुरक्षा बढ़ाने या घटाने का निर्णय आमतौर पर खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट और संभावित खतरे के आकलन के आधार पर लिया जाता है। यदि किसी जनप्रतिनिधि को सुरक्षा संबंधी खतरा महसूस होता है तो सुरक्षा बढ़ाई जाती है और खतरा कम होने पर सुरक्षा में कटौती की जा सकती है।

लेकिन राजनीतिक हलकों में इस फैसले के समय को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही हनुमान बेनीवाल ने जयपुर के निकट भैराणा गांव में बड़ा आंदोलन किया था। उनके जयपुर कूच के आह्वान के बाद सरकार को कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाना पड़ा था। ऐसे में आंदोलन के तुरंत बाद सुरक्षा व्यवस्था में कटौती होने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विपक्षी दलों और बेनीवाल समर्थकों का कहना है कि सुरक्षा में कटौती के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाना चाहिए, जबकि प्रशासनिक स्तर पर इसे सामान्य सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में यह मामला राजस्थान की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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