ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद इस्तीफा नहीं देने पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कैबिनेट को बर्खास्त कर दिया है। भारतीय राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार माना जा रहा है, जब चुनाव हारने के बाद सरकार के गठन की प्रक्रिया के बीच किसी मुख्यमंत्री की पूरी कैबिनेट को इस तरह हटाया गया हो।
बताया जा रहा है कि 4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 207 सीटों पर कब्जा जमाया। वहीं तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव नतीजों के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई थी।
राज्यपाल के इस फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला संवैधानिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम माना जाएगा। राज्य में अब नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के अनुसार 9 मई को भारतीय जनता पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की ओर से शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। बीजेपी समर्थकों में इस जीत को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक ममता बनर्जी या टीएमसी की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा चर्चा में रहने की संभावना है।
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