CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन आवेदन की तारीख बढ़ी, धुंधली स्कैन कॉपी पर छात्रों का फूटा गुस्सा


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की डिजिटल कॉपी जांच प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। डिजिटल मूल्यांकन के दौरान सामने आई तकनीकी समस्याओं और ऑनलाइन पोर्टल में देरी के बाद बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण राहत दी है।

CBSE ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले यह तारीख 22 मई तय की गई थी, लेकिन पोर्टल संबंधी परेशानियों को देखते हुए अब छात्र 23 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

हालांकि, स्कैन कॉपी मिलने के बाद कई छात्रों ने बोर्ड के नए OSM (ऑन स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने दावा किया है कि उन्हें जो स्कैन कॉपियां मिली हैं, वे अत्यधिक धुंधली हैं और उन्हें पढ़ना बेहद मुश्किल हो रहा है।

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि जब स्कैन कॉपी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही है, तो ऐसे में शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कैसे किया होगा और अंक किस आधार पर दिए गए होंगे। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कई लोग पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई थी, लेकिन यदि तकनीकी खामियां सामने आती हैं तो इससे छात्रों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। छात्रों ने बोर्ड से स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता वाली स्कैन कॉपियां उपलब्ध कराने की मांग की है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि CBSE इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देता है और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

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