सीबीएसई के नए मार्किंग सिस्टम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले कॉपी स्कैनिंग में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन अब मामला और गंभीर हो गया है। छात्रों का दावा है कि उन्हें उनकी अपनी आंसरशीट की जगह किसी और की कॉपी भेजी जा रही है। इस विवाद ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
मामले की शुरुआत 12वीं के छात्र वेदांत से हुई, जिसने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उसे उसकी वास्तविक उत्तरपुस्तिका नहीं मिली है। उसने दावा किया कि जो कॉपी उसे दिखाई गई, वह उसकी लिखावट और उत्तरों से मेल नहीं खा रही थी। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद सीबीएसई बोर्ड ने जांच की। जांच के दौरान वेदांत का दावा सही पाया गया और बाद में उसे उसकी सही उत्तरपुस्तिका उपलब्ध कराई गई।
इसके बाद संजना नाम की छात्रा का मामला सामने आया। संजना ने भी शिकायत की कि उसे गलत कॉपी उपलब्ध कराई गई है। जांच के बाद उसके मामले में भी त्रुटि स्वीकार की गई और सही आंसरशीट भेजी गई।
हालांकि विवाद यहीं नहीं रुका। अब मुकेश और हरकीरत जैसे छात्रों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिन्होंने कॉपी मिसमैच होने के आरोप लगाए हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने बोर्ड की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे विवाद को लेकर एक वकील ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड और शिक्षा मंत्रालय को लीगल नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। नोटिस में पूछा गया है कि यदि छात्रों को गलत उत्तरपुस्तिकाएं भेजी जा रही हैं, तो इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर क्या असर पड़ेगा और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
अब यह मामला सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और भरोसे से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है। आने वाले दिनों में सीबीएसई की ओर से इस पर क्या स्पष्टीकरण आता है, इस पर छात्रों और अभिभावकों की नजर बनी हुई है।
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