नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा नियम लागू किया है। सरकार ने एलपीजी (LPG) रेगुलेशन एंड सप्लाई ऑर्डर 2026 में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वे घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। इसके साथ ही “वन हाउसहोल्ड, वन कनेक्शन” नीति को सख्ती से लागू करने की तैयारी की गई है।
देश की तीनों सरकारी तेल कंपनियां — Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum Corporation Limited और Bharat Petroleum Corporation Limited — उपभोक्ताओं को अतिरिक्त या नियमविरुद्ध कनेक्शन सरेंडर करने की सलाह दे चुकी हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार 1 जून 2026 से नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और निगरानी और कड़ी हो सकती है।
क्या है नया नियम?
सरकार की अधिसूचना के अनुसार यदि किसी परिवार के पास पहले से PNG कनेक्शन है, तो वह घरेलू LPG कनेक्शन न तो रख सकता है और न ही नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
- जिन घरों में PNG और LPG दोनों मौजूद हैं।
- ऐसे परिवार जिनके नाम पर एक से अधिक घरेलू गैस कनेक्शन दर्ज हैं।
- नियमों के विपरीत अतिरिक्त कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ता।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच में अतिरिक्त या नियमविरुद्ध कनेक्शन पाए जाने पर गैस सप्लाई रोकी जा सकती है। कुछ मामलों में रिफिल बुकिंग भी बंद की जा सकती है, जब तक उपभोक्ता अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर नहीं कर देता।
उपभोक्ता क्या करें?
- अपने LPG कनेक्शन की स्थिति जांचें।
- यदि घर में PNG और LPG दोनों हैं, तो स्थानीय गैस एजेंसी से नियमों की पुष्टि करें।
- अतिरिक्त कनेक्शन होने पर संबंधित गैस वितरक से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।
- केवल आधिकारिक सूचना और तेल कंपनियों के निर्देशों पर भरोसा करें।
हालांकि, विभिन्न रिपोर्टों में नियमों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से सामने आई है। उपलब्ध सरकारी अधिसूचनाओं के अनुसार मुख्य फोकस उन घरों पर है जहां PNG और LPG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्रीय गैस वितरक या संबंधित तेल कंपनी से आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।
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