खगोल विज्ञान और आकाशीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए वर्ष 2026 बेहद खास साबित हो रहा है। इस साल कुल चार ग्रहण पड़ रहे हैं, जिनमें दो ग्रहण मार्च महीने में हो चुके हैं। अब अगस्त में एक बार फिर आकाश में दुर्लभ खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी, जब सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण दोनों पड़ेंगे।
साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण 27-28 अगस्त की रात को लगेगा। यह एक आंशिक चंद्रग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा। इस दौरान पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाएगी, जिससे पृथ्वी की छाया चंद्रमा के बड़े हिस्से पर पड़ेगी और चंद्रमा का स्वरूप धुंधला दिखाई देगा। चंद्रग्रहण की यह खगोलीय घटना हमेशा पूर्णिमा के दिन ही होती है।
क्यों खास है यह चंद्रग्रहण?
यह सामान्य आंशिक चंद्रग्रहण नहीं होगा। वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत भाग पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) से ढक जाएगा। यही वजह है कि यह ग्रहण लगभग पूर्ण चंद्रग्रहण जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा और आकाश प्रेमियों के लिए बेहद आकर्षक रहेगा।
ग्रहण का समय
वैश्विक समयानुसार ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त को 01:23 UTC पर होगी। आंशिक ग्रहण 02:33 UTC पर शुरू होगा और अधिकतम ग्रहण 04:12 UTC पर देखा जाएगा। पूरी घटना लगभग 5 घंटे 38 मिनट तक चलेगी।
कहां दिखाई देगा?
यह चंद्रग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका सहित कई क्षेत्रों के लोग इस खगोलीय घटना का आनंद ले सकेंगे। दृश्यता स्थान और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी।
चंद्रग्रहण कैसे देखें?
चंद्रग्रहण देखने के लिए किसी विशेष चश्मे या सुरक्षा उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। इसे नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। हालांकि दूरबीन या टेलीस्कोप के माध्यम से इसका दृश्य और भी शानदार दिखाई देता है।
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