बिहार कैबिनेट के 29 बड़े फैसले: खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी, पर्यटन और सड़क सुरक्षा को मिलेगा नया बल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का प्रभाव खेल, पर्यटन, भूमि प्रबंधन, खनन, सड़क सुरक्षा और रोजगार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ेगा। सरकार ने इसे राज्य के समग्र विकास और युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर सीधे सरकारी नौकरी देने से संबंधित रहा। संशोधित बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ी सीधी नियुक्ति नियमावली-2026 के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति का अवसर मिलेगा। ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी तथा एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को वेतन स्तर-09 के पदों पर नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा अन्य पदक विजेताओं और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए भी अलग-अलग वेतन स्तर निर्धारित किए गए हैं। कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि खरीद-बिक्री और लीज पर लगी रोक में आंशिक छूट देने का भी फैसला लिया है। अब विशेष परिस्थितियों में बिहार राज्य आवास बोर्ड, सरकारी एजेंसियां और स्वीकृत निवेशक भूमि खरीद या लीज पर ले सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके साथ ही सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा सहायता योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क में संचालित निःशुल्क ध्यान केंद्र की अवधि अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ा दी गई है। खनन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सोन, कियूल, फल्गू, मोरहर और चानन नदियों में बालू पुनर्भरण अध्ययन के लिए 2.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह अध्ययन सीएमपीडीआई द्वारा कराया जाएगा। साथ ही पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार राज्य खनन निगम को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने पीपीपी मॉडल पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इसके माध्यम से यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। बिहार कैबिनेट के इन फैसलों को युवाओं, खिलाड़ियों, निवेशकों और आम नागरिकों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने का निर्णय राज्य के खेल प्रतिभाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। बिहार की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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