प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी राहत: मौत पर आश्रितों को मिलेंगे 4 लाख रुपये, शव घर लाने का खर्च भी उठाएगी बिहार सरकार

बिहार सरकार ने राज्य के लाखों प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब दूसरे राज्यों या विदेशों में काम करने वाले बिहार के प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पहले यह सहायता राशि दो लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। इस संबंध में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा और उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य के बाहर या विदेशों में कार्यरत किसी प्रवासी मजदूर की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके पार्थिव शरीर को घर तक पहुंचाने का पूरा खर्च भी सरकार वहन करेगी। चाहे शव को किसी भी परिवहन माध्यम से लाया जाए, उसके खर्च की भरपाई राज्य सरकार करेगी। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अपने प्रियजन का शव घर लाने के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों का एक व्यापक डाटा बैंक तैयार कर रही है, ताकि उन्हें विभिन्न कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसके लिए संचालित बिहार प्रवासी कामगार एप पर 10 जून तक 6 लाख 84 हजार 708 प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत अब तक 42 लाख 31 हजार 405 निर्माण श्रमिकों का निबंधन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 लाख 6 हजार 86 तथा वर्ष 2026-27 में 8 जून तक 4,131 निर्माण श्रमिकों का नया पंजीकरण हुआ है। इसके अलावा बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 9,719 लाभुकों को 54 करोड़ 91 लाख 12 हजार 500 रुपये की सहायता राशि दी गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 1,303 लाभार्थियों को 7 करोड़ 97 लाख 2 हजार 500 रुपये का अनुदान प्रदान किया जा चुका है। सरकार ने श्रमिकों और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पटना, गया और सीतामढ़ी में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने हेतु प्रयास जुबेनाइल एंड सेंटर के साथ करार भी किया है। बिहार सरकार का यह निर्णय प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को सहारा मिलेगा और श्रमिकों के कल्याण को नई मजबूती मिलेगी। बिहार और श्रमिकों से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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