400 मीटर हर्डल्स में तुषार राज का गोल्डन जलवा, बिहार राज्य एथलेटिक्स में लगातार तीसरी बार बने चैंपियन

अररिया। बिहार की सबसे प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिताओं में शामिल 92वीं बिहार राज्य जूनियर एवं सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में अररिया के होनहार धावक तुषार राज ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ अररिया बल्कि पूरे बिहार का गौरव बढ़ाया है। तुषार राज ने इस जीत के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने लगातार तीसरे वर्ष 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी कर ली है। बिहार के सभी 38 जिलों से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद तुषार ने अपनी बेहतरीन तकनीक, गति और आत्मविश्वास के दम पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि उनके खेल करियर का छठा स्वर्ण पदक भी है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे तुषार आज बिहार के सबसे उभरते हुए एथलीटों में गिने जा रहे हैं। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि लगन, मेहनत और अनुशासन के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। स्वर्ण पदक जीतने के बाद तुषार राज ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है। उन्होंने विश्वास जताया कि लगातार मेहनत और बेहतर प्रशिक्षण के माध्यम से वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बनाएंगे। तुषार के कोच ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तुषार भविष्य में एशियाई खेलों और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। अररिया शहर के शिवपुरी वार्ड संख्या-09 निवासी तुषार राज के पिता प्रशांत कुमार सिंह, माता तनुजा सिंह और नाना आर.बी. सिंह ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया है। जैसे ही जीत की खबर अररिया पहुंची, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों ने तुषार को शुभकामनाएं देते हुए उनकी उपलब्धि को जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। तुषार राज की यह स्वर्णिम सफलता अररिया के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत और संघर्ष की कहानी आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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