बिहार में AI और उच्च शिक्षा को मिलेगा नया बल, Google-Microsoft से समझौता और 5 निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी

बिहार सरकार ने राज्य को तकनीकी और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 46 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में बड़े निवेश, तकनीकी प्रशिक्षण और पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे अहम फैसले शामिल हैं। कैबिनेट के फैसले के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग गूगल क्लाउड इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, सर्वम और कोरोवर जैसी अग्रणी तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता करेगा। इन समझौतों का उद्देश्य बिहार में एआई आधारित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना और सरकारी सेवाओं को अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाना है। सरकार की योजना है कि एआई तकनीक का उपयोग कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, यातायात प्रबंधन और लोक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में किया जाए। इससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि सरकारी अधिकारियों, तकनीकी कर्मियों और छात्रों को एआई से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों में एआई आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे ताकि युवा नई तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत बिहार के लिए एक स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। साथ ही राज्य में अनुप्रयुक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता विश्वविद्यालय की स्थापना की संभावनाओं पर अध्ययन कराया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे स्टार्टअप, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए मंत्रिमंडल ने पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है। इनमें मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय, नवादा में एस.ए. विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय, औरंगाबाद में सीतयोग विश्वविद्यालय तथा सिवान में एक नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से बिहार में तकनीकी विकास, डिजिटल परिवर्तन और उच्च शिक्षा को नई गति मिलेगी। साथ ही राज्य के युवाओं को आधुनिक शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। **बिहार की ताजा, विश्वसनीय और सबसे पहले खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।**
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