बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग तेज, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने किया धरना-प्रदर्शन

पटना: बख्तियारपुर शहर का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी के नाम पर रखने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर राज्य सरकार से लंबे समय से लंबित इस प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बख्तियारपुर का वर्तमान नाम ऐतिहासिक रूप से बख्तियार खिलजी से जुड़ा माना जाता है। उनका कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के करीबी सहयोगी रहे पंडित शीलभद्र याजी के सम्मान में शहर का नाम 'शीलभद्र याजी नगर' रखा जाना चाहिए। धरने में शामिल लोगों ने बताया कि वर्ष 1997 में आजादी की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर शहर का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। उनका दावा है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। साथ ही तत्कालीन बिहार के राज्यपाल सरदार बूटा सिंह ने भी 'शीलभद्र याजी नगर' नाम के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इसके बावजूद यह प्रस्ताव वर्षों से गृह मंत्रालय में लंबित है। उन्होंने बिहार सरकार से इस मामले को केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने और जल्द नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। धरने में शामिल लोगों ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो इस मुद्दे पर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। बिहार की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
👁️ अब तक पढ़ा गया: बार

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.