BPSC 70वीं परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी: श्रद्धा पांडे बनीं टॉपर, 2027 अभ्यर्थियों का हुआ चयन

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। लंबे इंतजार के बाद जारी हुए इस परिणाम में श्रद्धा पांडे ने पहला स्थान हासिल कर पूरे बिहार में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वहीं शशांक गौरव दूसरे और आयुष बिजॉय तीसरे स्थान पर रहे हैं। आयोग द्वारा जारी मेरिट सूची के अनुसार श्रद्धा पांडे को कुल 593 अंक प्राप्त हुए, जबकि शशांक गौरव और आयुष बिजॉय दोनों को 592-592 अंक मिले। समान अंक होने के बावजूद निबंध (Essay) में अधिक अंक प्राप्त करने के कारण शशांक गौरव को दूसरा और आयुष बिजॉय को तीसरा स्थान दिया गया। इस परीक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ 445 अंक रहा। परिणाम की सबसे खास बात यह रही कि टॉप-100 सफल अभ्यर्थियों में 45 महिलाएं शामिल हैं। यह आंकड़ा प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता की नई कहानी बयां करता है। इसके अलावा करीब 300 ऐसे अभ्यर्थियों ने भी सफलता प्राप्त की है, जो बिहार के बाहर के विभिन्न राज्यों से आते हैं। बीपीएससी के अनुसार मुख्य (लिखित) परीक्षा का आयोजन 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 के बीच पटना के 32 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। इस परीक्षा में कुल 20,034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा के मूल्यांकन के बाद 5,401 उम्मीदवारों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए चयनित किया गया था। इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम जारी किया गया। बीपीएससी के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने बताया कि यह आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा रही। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 2035 पदों पर नियुक्ति की जानी थी, लेकिन अंतिम रूप से 2027 अभ्यर्थियों का ही चयन हो सका। दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षित 8 पद योग्य अभ्यर्थियों के अभाव में रिक्त रह गए। 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से बिहार सरकार के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और पुलिस पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें बिहार पुलिस सेवा के 136 पद, जिला कमांडेंट के 12 पद, सब-रजिस्ट्रार के 11 पद, बिहार शिक्षा सेवा के 50 पद, रोजगार पदाधिकारी के 14 पद, राजस्व पदाधिकारी (RDO) के 390 पद, आपूर्ति निरीक्षक के 231 पद तथा सीडीपीओ के 12 पद शामिल हैं। इसके अलावा एसडीएम, डीएसपी, राज्य कर पदाधिकारी समेत कई प्रतिष्ठित प्रशासनिक पदों पर भी नियुक्तियां होंगी। इस परिणाम के साथ हजारों युवाओं का वर्षों का सपना पूरा हुआ है। कठिन प्रतिस्पर्धा और लंबी चयन प्रक्रिया के बाद सफल हुए अभ्यर्थी अब बिहार प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। बीपीएससी की यह भर्ती प्रक्रिया न केवल आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा साबित हुई, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी लेकर आई है। शिक्षा, नौकरी और बिहार की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहिए — मिथिला हिन्दी न्यूज।
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