केंद्र सरकार द्वारा जारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की टॉप-100 सूची में बिहार के 8 अधिकारियों ने स्थान बनाया है। इस प्रतिष्ठित सूची में एक चर्चित आईएएस दंपति भी शामिल हैं—उदिता सिंह और शशांक शुभंकर।
वर्तमान में उदिता सिंह रोहतास की जिलाधिकारी हैं, जबकि उनके पति शशांक शुभंकर गया के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में प्रशासनिक नवाचार और जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण विशेष पहचान बनाई है।
उदिता सिंह की कार्यशैली रही चर्चा में
रोहतास की डीएम उदिता सिंह महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर लगातार चर्चा में रही हैं। जिले में महिला केंद्रित योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के प्रयासों को सराहा गया है।
शशांक शुभंकर की पहचान 'हर घर गंगाजल' योजना से
गया के डीएम शशांक शुभंकर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर गंगाजल' योजना के प्रभावी संचालन को लेकर चर्चा में रहे हैं। जलापूर्ति और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बिहार बीजेपी में MLC चयन को लेकर अंतिम दौर की कवायद
उधर बिहार भाजपा में विधान परिषद (MLC) उम्मीदवारों के चयन को लेकर चल रही अंदरूनी हलचल अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी द्वारा नई प्रदेश टीम के गठन के बाद कई दावेदारों को संगठन में जिम्मेदारी देकर समीकरण साधने की कोशिश की गई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सामाजिक और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए भाजपा तीन सीटों पर उम्मीदवार तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। चर्चा है कि एक सवर्ण, एक पिछड़ा वर्ग और एक अतिपिछड़ा वर्ग से उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं।
हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय संगठन के बीच लगातार मंथन जारी है। माना जा रहा है कि जल्द ही तस्वीर साफ हो सकती है।
बिहार की राजनीति में MLC चुनाव को लेकर बढ़ी गतिविधियों के बीच राजनीतिक दल अपने-अपने सामाजिक समीकरणों को साधने में जुटे हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा के अंतिम फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
बिहार की राजनीति और प्रशासनिक जगत की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।