चुनाव हारने के बाद बेटे को बनाया IITian, सिवान की पूर्व जिला पार्षद मेनका रमन की प्रेरणादायक कहानी


बिहार के सिवान जिले के लकड़ी नवीगंज क्षेत्र की पूर्व जिला पार्षद सदस्य मेनका रमन इन दिनों एक भावुक और प्रेरणादायक वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में अपने क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने उन्हें पिछले जिला परिषद चुनाव में हरा दिया था।

सुनने में यह बात भले ही अजीब लगे, लेकिन मेनका रमन का कहना है कि चुनाव में मिली हार ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। चुनाव हारने के बाद उन्होंने राजनीति की व्यस्तताओं से दूर होकर अपना पूरा समय बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को संवारने में लगाया।

करीब पांच वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम तब सामने आया, जब उनके बेटे अंश ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक IIT JEE Advanced में सफलता हासिल कर ली।

इस उपलब्धि पर भावुक होते हुए मेनका रमन ने कहा, "अच्छा हुआ मैं चुनाव हार गई थी। अगर मैं चुनाव जीत जाती तो शायद बच्चों को उतना समय नहीं दे पाती। चुनाव में हार की वजह से मुझे बच्चों के साथ रहने और उनके भविष्य पर ध्यान देने का अवसर मिला। आज बेटे अंश की सफलता मेरे लिए किसी बड़े सपने के पूरा होने जैसी है।"

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन बच्चों का भविष्य सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। बेटे की सफलता ने उनके वर्षों के त्याग और मेहनत को सार्थक कर दिया है।

मेनका रमन की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि जीवन में मिलने वाली हर हार अंत नहीं होती। कई बार वही हार किसी बड़ी सफलता की नींव बन जाती है। आज उनका बेटा अंश अपनी मेहनत से आईआईटी की राह पर आगे बढ़ रहा है और परिवार के लिए गर्व का कारण बना है।

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