पटना। बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में अपनी अलग पहचान बना चुके त्यागराजन एस.एम. इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में जारी देश के शीर्ष 100 आईएएस अधिकारियों की सूची में उनका नाम शामिल होने के बाद वे सुर्खियों में आ गए हैं।
डॉक्टर से शुरू हुआ करियर
त्यागराजन एस.एम. मूल रूप से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने MBBS की पढ़ाई पूरी की, लेकिन बाद में उनका रुझान प्रशासनिक सेवा की ओर हो गया। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और पहले IPS बने। बाद में वर्ष 2011 में उन्होंने IAS सेवा में प्रवेश किया।
बिहार को बनाया कर्मभूमि
2011 बैच के आईएएस अधिकारी त्यागराजन एस.एम. ने बिहार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधार, जनसेवा और सुशासन को लेकर कई पहल कीं। हिंदी भाषा पर उनकी अच्छी पकड़ और आम लोगों से संवाद की शैली भी उनकी पहचान मानी जाती है।
पटना के जिलाधिकारी बने
बिहार सरकार के प्रशासनिक फेरबदल में त्यागराजन एस.एम. को गया के जिलाधिकारी पद से स्थानांतरित कर पटना का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने राजधानी जिले की कमान संभाली।
क्यों हुए चर्चित?
प्रशासनिक दक्षता, नवाचार, जनसमस्याओं के समाधान और बेहतर कार्यशैली के कारण त्यागराजन एस.एम. को देश के टॉप 100 आईएएस अधिकारियों की सूची में स्थान मिला है। उनकी कार्यशैली को जनता और प्रशासनिक हलकों में सराहा जाता रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
डॉक्टर से IPS और फिर IAS बनने का उनका सफर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। यह दिखाता है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर व्यक्ति अपने करियर की दिशा बदलकर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
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