बिहार में जल्द दौड़ेंगी 100 नई पीएम ई-बसें, 31 बस डिपो बनेंगे आधुनिक

पटना: बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के बेड़े में इस महीने के अंत तक करीब 100 नई पीएम ई-बसें शामिल होने जा रही हैं। इन बसों के शुरू होने से यात्रियों को प्रदूषण मुक्त, आरामदायक और आधुनिक सफर की सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी बनाना है। हाल ही में बस निर्माता कंपनी ग्रीनसेल मोबिलिटी के अधिकारियों ने परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल वर्मा से मुलाकात कर बसों की डिलीवरी और संचालन की तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार बसों की आपूर्ति अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें राज्य के विभिन्न शहरों और प्रमुख रूटों पर चलाया जाएगा। ई-बस सेवा के साथ-साथ बिहार के 31 बस डिपो को भी आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत डिपो पुनर्विकास की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई ताकि परियोजना समय पर आगे बढ़ सके। बैठक में कंसल्टेंट कंपनी प्राइस वाटरहाउस कूपर्स (PWC) को निर्देश दिया गया कि वह जल्द से जल्द आरएफपी रिपोर्ट तैयार करे, जिससे डिपो निर्माण और आधुनिकीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके। अधिकारियों ने परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी से बचने पर विशेष जोर दिया। बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल वर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निर्देश दिया कि पीएम ई-बस सेवा और डिपो पुनर्निर्माण दोनों परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा और सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल बसों पर निर्भरता कम होगी, वायु प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को शांत, सुरक्षित तथा आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। वहीं आधुनिक बस डिपो बनने से बसों के रखरखाव, चार्जिंग और संचालन व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी। बिहार सरकार की यह पहल राज्य में हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने और सार्वजनिक परिवहन को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो बिहार देश के उन राज्यों में शामिल होगा जहां बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों और आधुनिक बस डिपो का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। — मिथिला हिंदी न्यूज़ | संपादक: रोहित कुमार सोनू
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