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कपिलेश्वर शिवालय विवाद ने लिया कानूनी रूप, 13 पंडों पर प्राथमिकी दर्ज
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July 11, 2026
मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड स्थित प्रसिद्ध कपिलेश्वर शिवालय में दानपेटी खोलने और मंदिर की चल-अचल संपत्तियों के सूचीकरण को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासनिक टीम का विरोध किए जाने के मामले में रहिका प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने 13 पंडों के खिलाफ रहिका थाना में विधि-व्यवस्था भंग करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्रशासन की टीम मंदिर में बंद दानपेटी खोलने और मंदिर की संपत्तियों का सूचीकरण करने पहुंची थी। हालांकि पंडा समाज और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद प्रशासनिक टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई।
जानकारी के अनुसार, कपिलेश्वर स्थान मंदिर एवं धर्मशाला के सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए सदर एसडीओ की अध्यक्षता में राज्य धार्मिक न्यास परिषद के तहत एक न्यास समिति का गठन किया गया है। समिति के गठन के बाद से ही स्थानीय लोगों, पंडा समाज और कामेश्वर धार्मिक न्यास, दरभंगा की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है।
पंडा समाज का कहना है कि उन्हें दानपेटी खोलने या न्यास समिति के गठन से कोई आपत्ति नहीं है। उनकी मांग केवल इतनी है कि समिति में पंडा समाज, स्थानीय नागरिकों और धर्मावलंबियों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। उनका यह भी दावा है कि मंदिर से जुड़ी कुछ जमीन पंडा समाज के नाम रैयती भूमि है, जिसके दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक इसकी उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई है।
वहीं, कामेश्वर धार्मिक न्यास, दरभंगा का दावा है कि कपिलेश्वर शिवालय उनके न्यास से संबद्ध है। न्यास का कहना है कि जमींदारी उन्मूलन के बाद भी मंदिर की संपत्तियां स्वतः बिहार सरकार में निहित नहीं हुई हैं। इसी आधार पर गठित न्यास समिति पर पुनर्विचार कर नए सिरे से समिति गठित करने की मांग की जा रही है।
फिलहाल मामला प्रशासन और पंडा समाज के बीच विवाद का विषय बना हुआ है तथा आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
— मिथिला हिंदी न्यूज़
रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू
