बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने दाखिल किया नामांकन, हलफनामे में 198 करोड़ की पारिवारिक संपत्ति का खुलासा

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के साथ चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे में उनकी और उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास की कुल लगभग 198 करोड़ रुपये की संपत्ति का विवरण सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव पर पूरे बिहार की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं। हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के नाम पर करीब 96 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें लगभग 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और करीब 73 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। उनके ऊपर एक बैंक का 5.77 करोड़ रुपये का कर्ज भी है, जबकि उन्होंने अपनी कंपनी को 8.31 करोड़ रुपये का ऋण दिया हुआ है। संपत्ति के विवरण में बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उनकी अचल संपत्तियों का उल्लेख किया गया है। बिहार में पैतृक भूमि और बक्सर की जमीन के अलावा पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी, नई दिल्ली के वसंत विहार तथा गाजियाबाद में फ्लैट दर्ज हैं। हलफनामे में प्रशांत किशोर के खिलाफ आठ लंबित आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें मानहानि, सरकारी कार्य में बाधा और धोखाधड़ी जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी मामले में अभी अदालत द्वारा आरोप तय नहीं किए गए हैं। प्रशांत किशोर की कंपनी वेधा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जन सुराज को 10 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। इसके अलावा जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये तथा वर्ष 2023-24 में 'जॉय ऑफ गिविंग' संस्था को 2.75 करोड़ रुपये का योगदान देने का भी उल्लेख हलफनामे में किया गया है। प्रशांत किशोर की पत्नी और पेशे से चिकित्सक डॉ. जाह्नवी दास के नाम पर करीब 112 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। इसमें लगभग 89 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और करीब 12 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। उन्होंने प्रशांत किशोर को 41 लाख रुपये का ऋण भी दिया है। उनके नाम पर गुवाहाटी और नोएडा में भी संपत्तियां दर्ज हैं। बांकीपुर सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस उपचुनाव में जन सुराज ने प्रशांत किशोर को उम्मीदवार बनाया है। उनके मुकाबले भाजपा से नीरज कुमार सिन्हा, राजद से रेखा गुप्ता और तेज प्रताप की पार्टी से वीणा मानवी मैदान में हैं, जिससे चुनावी मुकाबला काफी रोचक हो गया है। नामांकन के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह चुनाव केवल उनकी उम्मीदवारी का नहीं, बल्कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने जनता से बदलाव के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
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