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पटना में ई-रिक्शा बैटरी हैकिंग का खतरा! चलते-चलते बंद हो रहे वाहन, 200 से अधिक चालक परेशान
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July 02, 2026
पटना: राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के बीच दहशत का माहौल है। शहर में 200 से 300 से अधिक ई-रिक्शा अचानक चलते-चलते बंद हो जाने की घटनाएं सामने आई हैं। शुरुआत में इसे सामान्य तकनीकी खराबी माना गया, लेकिन जांच में सामने आया कि कई मामलों में मोबाइल एप के जरिए बैटरी को रिमोटली ऑफ किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह समस्या सिर्फ पटना तक सीमित नहीं है। बिहार के अन्य जिलों और देश के कई शहरों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। चलते वाहन के अचानक बंद होने से यात्रियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ रहा है और चालक घंटों परेशान हो रहे हैं।
जांच में पता चला है कि कई लिथियम-आयन बैटरियों में लगे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में ब्लूटूथ की सुविधा तो दी गई है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने के कारण कोई भी मोबाइल एप उससे कनेक्ट हो सकता है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर शरारती तत्व BAT-BMS नामक एप के जरिए बैटरी की पावर सप्लाई बंद कर रहे हैं।
बुद्धा कॉलोनी स्थित एक सर्विस सेंटर पर एक ही दिन पांच ई-रिक्शा ऐसे पहुंचे, जिनकी बैटरी अचानक बंद हो गई थी। बाद में BAT-BMS एप की मदद से दोबारा बैटरी को एक्टिव किया गया। इसके बाद शहर के कई अन्य इलाकों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आईं।
ई-रिक्शा चालक जितेंद्र कुमार ने बताया कि गायघाट से गांधी मैदान जाते समय उनका वाहन अचानक बंद हो गया और काफी कोशिश के बाद भी चालू नहीं हुआ। वहीं, ई-रिक्शा चालक संघ के महासचिव मनोज कुमार ने कहा कि इस समस्या से सैकड़ों चालक प्रभावित हुए हैं और उन्हें सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
हालांकि, बैटरी विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामला हैकिंग का नहीं हो सकता। कई बार सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, हार्डवेयर फेल, अत्यधिक गर्मी, नमी या बैटरी सेल की खराबी के कारण भी बीएमएस बैटरी की सप्लाई बंद कर देता है। इसलिए प्रत्येक मामले की तकनीकी जांच जरूरी है।
विशेषज्ञों ने ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी है कि वे अपनी बैटरी के ब्लूटूथ का पासवर्ड तुरंत बदलवाएं या ब्लूटूथ एक्सेस बंद करवा दें, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति बैटरी से कनेक्ट न हो सके।
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