100 साल पुरानी है समस्तीपुर की 'पेठिया गाछी', हर रविवार सजता है ऐतिहासिक बाजार

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में कई बाजार हैं, लेकिन 'पेठिया गाछी' अपनी ऐतिहासिक पहचान और 100 वर्षों से अधिक पुराने इतिहास के कारण आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। समय के साथ बाजार का स्वरूप बदला है, लेकिन इसकी लोकप्रियता और रौनक आज भी बरकरार है। बताया जाता है कि पहले यह बाजार बड़े-बड़े पेड़ों के बीच लगाया जाता था, इसलिए इसका नाम पेठिया गाछी पड़ा। अब यह सड़क किनारे सजता है, लेकिन यहां आने वाले लोगों की भीड़ में कोई कमी नहीं आई है। यह बाजार आज भी जिले के सबसे पुराने और प्रमुख साप्ताहिक बाजारों में गिना जाता है। इस बाजार की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ रविवार को सजता है। इस दिन यहां दूर-दराज के गांवों से लोग खरीदारी करने और अपने कृषि उत्पाद बेचने पहुंचते हैं। बाजार में सब्जियां, आलू, गेहूं, चावल, आटा, मैदा, राशन, कपड़े और घरेलू उपयोग की लगभग हर जरूरी वस्तु आसानी से उपलब्ध होती है। स्थानीय निवासी एस.एन. ठाकुर ने बताया कि पेठिया गाछी समस्तीपुर के बहादुरपुर मोहल्ला और कॉलेज रोड के पास स्थित है। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 78 वर्ष से अधिक है और उनके बचपन से पहले भी यह बाजार लगता था। इसी आधार पर इसकी उम्र 100 साल से अधिक मानी जाती है। उन्होंने बताया कि इस बाजार में स्थानीय किसान अपनी ताजी उपज सीधे ग्राहकों को बेचते हैं, जबकि कई व्यापारी बाहर से भी सामान लेकर आते हैं। यही कारण है कि आज भी यह बाजार स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। इतिहास, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अनूठा संगम मानी जाने वाली पेठिया गाछी आज भी समस्तीपुर की सांस्कृतिक और व्यावसायिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समस्तीपुर, बिहार और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
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