भरत तिवारी एनकाउंटर पर गरमाई सियासत, परिजनों से मिले चिराग पासवान; बोले- 'अगर सरेंडर किया था तो एनकाउंटर क्यों?'

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार को भरत तिवारी के घर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि वायरल वीडियो में भरत तिवारी के आत्मसमर्पण करने का दावा सही है, तो यह बेहद गंभीर विषय है और इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। परिजनों से मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसका एनकाउंटर क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया अपना सकती थी, लेकिन बिना न्यायिक प्रक्रिया के ऐसी कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों पर आरोप हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। चिराग पासवान ने बताया कि परिवार ने उन्हें एक वीडियो भी दिखाया, जिसे एनकाउंटर से पहले का बताया जा रहा है। परिजनों का दावा है कि इस वीडियो से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भरत तिवारी के पास किसी कथित घोटाले से जुड़े सबूत थे, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने परिजनों से यह भी पूछा कि क्या उन्हें किसी तरह की धमकी मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वह इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएंगे। गौरतलब है कि 17 जून 2026 को भोजपुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई गई, जबकि परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई। इस मामले को लेकर लगातार निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। बिहार और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहिए मिथिला हिन्दी न्यूज।
👁️ अब तक पढ़ा गया: बार

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.