पूर्णिया में 687 एकड़ का इंडस्ट्रियल हब बनेगा, किसानों को मिलेगा 4 गुना तक मुआवजा; सीमांचल को मिलेगी नई औद्योगिक पहचान

पूर्णिया: बिहार सरकार सीमांचल को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। पूर्णिया जिले में करीब 687 एकड़ भूमि पर आधुनिक इंडस्ट्रियल हब विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 125 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार का उद्देश्य सीमांचल में उद्योगों को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और क्षेत्र से होने वाले पलायन को कम करना है। परियोजना के पहले चरण में केनगर प्रखंड के बिठनौली, गणेशपुर और दूबे चकला गांवों में जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बाद अन्य प्रखंडों के गांवों में भी आवश्यकता के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर ड्रोन सर्वे और हाई-रिज़ॉल्यूशन फोटोग्राफी का कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। सरकार ने किसानों के लिए आकर्षक मुआवजा पैकेज भी तैयार किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन देने वाले किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना तक मुआवजा मिल सकता है। वहीं शहरी क्षेत्रों के किसानों को दोगुना भुगतान और 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस इंडस्ट्रियल हब की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसे पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से उद्योगों को परिवहन और लॉजिस्टिक्स की बेहतर सुविधा मिलेगी। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा और फिर जमीन उद्योग विभाग को सौंप दी जाएगी, जहां विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों की स्थापना होगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही सीमांचल में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। नए एयरपोर्ट, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और अब इंडस्ट्रियल हब जैसी परियोजनाओं के साथ सीमांचल तेजी से विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। — मिथिला हिंदी न्यूज़ रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू
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