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बांकीपुर उपचुनाव में पोस्टर वॉर तेज, प्रशांत किशोर पर निशाना; जन सुराज को लगा राजनीतिक झटका
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July 15, 2026
पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। चुनावी प्रचार के बीच अब राजधानी पटना में पोस्टर वॉर भी शुरू हो गया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में जन सुराज के संस्थापक एवं बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
पोस्टर में लिखा गया है, "केसी सिन्हा तो झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है"। इसके साथ ही "वोट नहीं, नोट चाहिए" जैसे नारे भी लिखे गए हैं। पोस्टर में 'जन सुराज' की जगह 'धन सुराज' लिखा गया है। नीचे "सौजन्य – बांकीपुर की जनता" अंकित है। पोस्टर में प्रशांत किशोर को सिर पर टोपी, गले में गमछा और हाथ में नोटों की गड्डी लिए हुए दर्शाया गया है।
हालांकि, इन पोस्टरों को किसने लगाया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली है।
इसी बीच, 30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को एक और राजनीतिक झटका लगा। पार्टी के कई प्रमुख चेहरे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इनमें प्रो. केसी सिन्हा, राजनीतिक कार्यकर्ता बिट्टू सिंह और उनकी पत्नी, मनेर से जन सुराज के पूर्व उम्मीदवार गोपाल सिंह, डॉ. किशोर कुमार सिंह समेत कई अन्य नेता शामिल हैं।
प्रो. केसी सिन्हा जन सुराज के चर्चित नेताओं में गिने जाते रहे हैं। उनके भाजपा में शामिल होने को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है।
भाजपा ने इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने को विधानसभा चुनाव से पहले अपनी बड़ी राजनीतिक सफलता बताया है। पार्टी का दावा है कि इससे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ शिक्षाविदों और सामाजिक वर्गों में भी संगठन को मजबूती मिलेगी।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जन सुराज से जुड़े प्रमुख नेताओं का लगातार अन्य दलों की ओर जाना प्रशांत किशोर की पार्टी के लिए चुनौती का संकेत है। दूसरी ओर भाजपा इसे अपने विस्तार अभियान की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
बांकीपुर उपचुनाव में मतदान 30 जुलाई को होना है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी बयानबाजी, प्रचार और राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू
मिथिला हिंदी न्यूज
