बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को मंगलवार देर रात पटना की बेऊर केंद्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई के बाद अब विपक्षी दलों, खासकर वामपंथी पार्टियों ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा नीट आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा के बावजूद पार्टी विधायक संदीप सौरभ और कई छात्र प्रदर्शनकारी अब भी पटना की बेऊर केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
वहीं, जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को मंगलवार देर शाम जेल से रिहा कर दिया गया। उन्हें राज्यव्यापी बिहार बंद के दौरान कथित रूप से बंद लागू कराने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
तेज प्रताप यादव की रिहाई के बाद जनशक्ति जनता दल के नेताओं ने कहा कि छात्र संगठनों के कई नेता और अन्य आंदोलनकारी अभी भी जेल में हैं। उन्होंने सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की जल्द रिहाई की मांग की है।
उधर, लेफ्ट पार्टियों का कहना है कि यदि सरकार ने वास्तव में नीट आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने का फैसला किया है, तो सभी छात्र नेताओं और आंदोलनकारियों को बिना भेदभाव के तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।
मिथिला हिन्दी न्यूज