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बोकारो थर्मल पावर प्लांट की 500 मेगावाट यूनिट बंद, ट्यूब लीकेज से बिजली उत्पादन ठप
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August 21, 2026
बोकारो: डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर प्लांट की 500 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट में शुक्रवार को बायलर ट्यूब लीकेज के कारण बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। तकनीकी खराबी सामने आने के बाद दोपहर करीब दो बजे यूनिट को शटडाउन कर दिया गया। इसके कारण अगले दो दिनों तक बिजली उत्पादन प्रभावित रहने की संभावना है। यूनिट के बंद होने का असर झारखंड के साथ बिहार, दिल्ली, पंजाब समेत राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़े अन्य क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
प्लांट से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह यूनिट से करीब 364 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। दोपहर पौने दो बजे के आसपास उत्पादन घटकर 300 मेगावाट रह गया। उत्पादन में लगातार गिरावट के बाद तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। जांच में बायलर की ट्यूब में लीकेज की पुष्टि हुई। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर यूनिट को तत्काल बंद कर दिया गया।
मुख्य प्रबंधक सह परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने बताया कि शटडाउन के बाद बायलर को पूरी तरह ठंडा होने में समय लगेगा। बायलर के सुरक्षित तापमान पर पहुंचने के बाद ही मेंटेनेंस टीम लीकेज वाले हिस्से की मरम्मत शुरू कर सकेगी। परिस्थितियां अनुकूल रहने पर सोमवार शाम तक यूनिट को लाइटअप कर दोबारा बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
बोकारो थर्मल पावर प्लांट से उत्पादित बिजली राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से झारखंड के अलावा बिहार, दिल्ली, पंजाब समेत अन्य क्षेत्रों में भेजी जाती है। ऐसे में 500 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट के बंद रहने से बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
पावर प्लांट के बायलर में सैकड़ों धातु की ट्यूब होती हैं, जिनमें पानी प्रवाहित होता है। अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच पानी गर्म होकर भाप में बदलता है। इसी भाप से टर्बाइन चलाकर बिजली का उत्पादन किया जाता है। लंबे समय तक तापमान, दबाव, जंग या अन्य तकनीकी कारणों से ट्यूब में दरार अथवा छेद होने पर पानी या भाप का रिसाव शुरू हो जाता है। इसे ट्यूब लीकेज कहा जाता है। ऐसी स्थिति में बायलर को नुकसान से बचाने के लिए यूनिट को शटडाउन करना जरूरी होता है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
