👁️ अब तक पढ़ा गया:
बार
बिहार पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में हलचल तेज, मुखिया बनने की तैयारी कर रहे हैं तो ये 9 दस्तावेज रखें तैयार
0
August 13, 2026
बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में हलचल तेज होने लगी है। मौजूदा मुखियाओं का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर तक खत्म होने की संभावना है। पंचायतों के संभावित परिसीमन के बाद ही चुनाव कराया जाएगा। ऐसी स्थिति में चुनाव में देरी की संभावना भी जताई जा रही है।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मुताबिक, परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पंचायत चुनाव कराया जाएगा। परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या और मुखिया की सीटों में बदलाव संभव है। चर्चा है कि मुखिया की सीटों में करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है और कुल सीटों की संख्या करीब 13 हजार तक पहुंचने की संभावना है।
इधर, गांवों में अभी से बैठकों और जनसंपर्क का दौर शुरू हो गया है। संभावित उम्मीदवार अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं। अगर आप भी मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं तो नामांकन के समय परेशानी से बचने के लिए जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना बेहतर होगा।
मुखिया चुनाव की तैयारी कर रहे उम्मीदवार वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांच लें और वोटर आईडी तैयार रखें। इसके साथ हाल की पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान पत्र भी रखें। चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए, इसलिए उम्र का प्रमाण जैसे मैट्रिक प्रमाण-पत्र या जन्म प्रमाण-पत्र भी तैयार रखें।
नामांकन के दौरान निर्धारित नामांकन शुल्क या जमानत राशि की रसीद सुरक्षित रखना जरूरी होगा। जरूरत पड़ने पर घर में कार्यशील शौचालय से संबंधित घोषणा भी देनी पड़ सकती है। नामांकन पत्र में प्रस्तावक की जानकारी और हस्ताक्षर की जरूरत होती है, इसलिए प्रस्तावक की सहमति पहले से लेना बेहतर है।
इसके अलावा निवास प्रमाण-पत्र भी तैयार रखें। अगर सीट आरक्षित है तो संबंधित श्रेणी का वैध जाति प्रमाण-पत्र जरूरी हो सकता है। नामांकन के साथ शपथ-पत्र और घोषणा-पत्र भी देना पड़ सकता है, जिसमें शिक्षा, संपत्ति, देनदारी और आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है।
उम्मीदवारों को नामांकन से पहले सभी दस्तावेजों में अपना नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण एक समान हैं या नहीं, इसकी जांच जरूर कर लेनी चाहिए। वहीं पंचायत चुनाव की अंतिम तारीख, परिसीमन, आरक्षण और नामांकन से जुड़े नियमों की अंतिम जानकारी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
