बिहार में जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी पेपरलेस, नई व्यवस्था लागू

बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया अब पूरी तरह बदल गई है। निबंधन विभाग ने पूरे राज्य में भूमि निबंधन की प्रक्रिया को पेपरलेस कर दिया है। अब रजिस्ट्री कराने के लिए स्टांप पेपर पर डीड तैयार कराने और बड़ी संख्या में कागजात लेकर निबंधन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। दस्तावेज ऑनलाइन तैयार किए जाएंगे और रजिस्ट्री पूरी होने के बाद डिजिटल डीड PDF के रूप में मोबाइल, WhatsApp या ई-मेल पर उपलब्ध कराई जाएगी। निबंधन विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था 17 अगस्त से बिहार के सभी भूमि निबंधन कार्यालयों में लागू कर दी गई है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कातिब, स्टांप वेंडर और वकीलों को प्रशिक्षण दिया गया है। व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए मॉक ड्रिल भी कराई गई है। नई व्यवस्था में कातिब की भूमिका भी बदल गई है। अब कातिब केवल दस्तावेज लिखने का काम नहीं करेंगे, बल्कि सर्विस प्रोवाइडर के रूप में क्रेता और विक्रेता की सहायता करेंगे। वे दस्तावेज तैयार करने के साथ ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट लेने में भी मदद करेंगे। दस्तावेज ऑनलाइन अपडेट होने के बाद क्रेता और विक्रेता घर बैठे रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। रजिस्ट्री के दौरान क्रेता और विक्रेता की अंगुलियों तथा आंखों की पुतलियों की स्कैनिंग की जाएगी। इसके बाद ई-सिग्नेचर सहित अन्य डिजिटल प्रक्रियाएं पूरी होंगी। निर्धारित स्लॉट के अनुसार दोनों पक्षों को निबंधन कार्यालय पहुंचकर अधिकारी के सामने अपनी सहमति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जरूरत पड़ने पर ई-केवाईसी भी कराया जाएगा। रजिस्ट्री के समय आधार कार्ड के साथ एक अन्य पहचान पत्र लाना जरूरी होगा। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद जमीन या मकान की डिजिटल डीड PDF के रूप में उपलब्ध होगी। इसे मोबाइल, WhatsApp या ई-मेल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा। इससे कागजी दस्तावेज के खोने, फटने या खराब होने की समस्या से राहत मिलेगी। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए डिजिटल व्यवस्था को समझना शुरुआती दौर में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए कातिब और सर्विस प्रोवाइडर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। नई व्यवस्था में कातिब के पारिश्रमिक की राशि भी निर्धारित की गई है। एक लाख रुपये तक के दस्तावेज पर 1000 रुपये, एक लाख रुपये से अधिक और पांच लाख रुपये तक के दस्तावेज पर 2500 रुपये तथा पांच लाख रुपये या उससे अधिक के दस्तावेज पर 5000 रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। अन्य प्रकार के दस्तावेज लिखने के लिए 1000 रुपये का पारिश्रमिक मिलेगा। मिथिला हिन्दी न्यूज संपादक: रोहित कुमार सोनू
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