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बिहार के सरकारी स्कूलों में फिर होगी शनिवार को हाफ-डे पढ़ाई, अगले सप्ताह लग सकती है अंतिम मुहर
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August 02, 2026
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को मिलेगा तनावमुक्त माहौल, 'नो बैग-डे' के साथ रचनात्मक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार शनिवार को स्कूलों में हाफ-डे (आधे दिन की पढ़ाई) की व्यवस्था दोबारा लागू करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव पर अगले सप्ताह अंतिम मुहर लगने की संभावना है। शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक कर आधिकारिक आदेश जारी कर सकता है।
यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत बच्चों को पढ़ाई के दबाव से राहत देने और उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शनिवार को स्कूलों में आधे दिन तक नियमित कक्षाएं चलेंगी, जबकि इसके बाद बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए वर्ष में कम से कम 10 दिन 'नो बैग-डे' निर्धारित किए गए हैं। इन दिनों बच्चों को किताबों के बजाय खेल-कूद, पेंटिंग, संगीत, हस्तशिल्प, क्विज और अन्य कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि उनका मानसिक और रचनात्मक विकास हो सके।
जानकारी के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। बैठक में प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के बाद विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की जाएगी। नया नियम राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में समान रूप से लागू होगा।
बिहार के पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में शनिवार को हाफ-डे की व्यवस्था पहले से लागू है। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शनिवार को केवल दो से ढाई घंटे तक पढ़ाई होती है, जबकि झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई सरकारी विद्यालयों में भी आधे दिन की कक्षाएं संचालित की जाती हैं।
फिलहाल बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार को 'बैगलेस-डे' मनाया जाता है। इस दिन बच्चे बिना स्कूल बैग के आते हैं और उन्हें खेल-कूद, कला, संगीत, पेंटिंग तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है। यदि हाफ-डे व्यवस्था लागू होती है तो छात्रों को पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों के बीच बेहतर संतुलन मिल सकेगा।
— मिथिला हिन्दी न्यूज
रिपोर्ट: रोहित कुमार सोनू
