बीपीएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर सियासत तेज, तेजस्वी-प्रशांत किशोर-चिराग ने सरकार को घेरा


पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं और परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में प्रदर्शन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़प हो गई। मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

घटना को लेकर अब बिहार की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए।”

तेजस्वी बोले- छात्रों के प्रति सरकार का तानाशाही रवैया

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए सरकार लगातार बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि चौतरफा आलोचना और विपक्ष के दबाव के बाद सरकार गोलीबारी से पीछे हट सकती है, लेकिन लाठीचार्ज की कार्रवाई से पीछे नहीं हट रही।

उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रति सरकार का कथित तानाशाही रवैया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को उन्होंने सरकार की “जुल्मी” कार्रवाई करार दिया।

प्रशांत किशोर ने सीएम से की छात्रों से बातचीत की अपील

बीपीएससी परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधे छात्रों से बातचीत करने की अपील की।

प्रशांत किशोर ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ आंदोलन सिर्फ एक घटना नहीं था। शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और कोचिंग व्यवस्था से परेशान युवाओं का आक्रोश आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से छात्रों की जायज मांगों को सुनकर समाधान निकालने की मांग की।

‘लाठीचार्ज का आदेश देने से पहले दो बार सोचता है प्रशासन’

प्रशांत किशोर ने पटना में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जब भी बिहार का युवा सड़कों पर उतरा, उसे लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों में हुए घटनाक्रम से सरकार को लोकतंत्र की ताकत का एहसास हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि अब सरकार किसी आंदोलन को दबाने के लिए लाठीचार्ज का आदेश देने से पहले दो बार सोचती है।

चिराग पासवान पहुंचे धरनास्थल, अभ्यर्थियों से की मुलाकात

इधर, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना के गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को समझने की कोशिश की।

इसके बाद चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी मुलाकात की और छात्रों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरह से छात्र संघर्ष कर रहे हैं, उससे उनकी चिंताएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के मुद्दे को लेकर दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है और छात्र लगातार धरने पर हैं। ऐसे में अब जरूरी है कि सभी पक्ष बैठकर छात्रों की जायज मांगों का समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ें।

बीपीएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच अब सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के नेताओं की ओर से भी छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की जा रही है।

मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक: रोहित कुमार सोनू

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