जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद आंदोलनकारियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। 21 अगस्त को हुए धरने के बाद आंदोलनकारी हर्ष दुबे ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद आंदोलन से जुड़े दूसरे लोगों ने हर्ष दुबे के खिलाफ नाराजगी जताई है।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि हर्ष दुबे ने संगठन के अन्य सदस्यों को जानकारी दिए बिना ही डिप्टी सीएम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ली। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के सामने रखना था, लेकिन हर्ष दुबे के इस कदम से आंदोलन की दिशा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
आंदोलनकारियों में शुरू हुई बयानबाजी
हर्ष दुबे के डिप्टी सीएम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कुछ आंदोलनकारी इसे आंदोलन की सामूहिक रणनीति के खिलाफ बता रहे हैं।
वहीं, इस पूरे विवाद के बाद आंदोलन के नेतृत्व और आगे की रणनीति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि आंदोलन से जुड़े दोनों पक्ष इस मतभेद को कैसे सुलझाते हैं और आरक्षण विरोधी आंदोलन को आगे किस दिशा में ले जाते हैं।
मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक: रोहित कुमार सोनू