महिला आरक्षण के समर्थन में अकाली दल, लेकिन परिसीमन के फॉर्मूले का विरोध; हरसिमरत कौर बादल ने जताई चिंता


संसद के मानसून सत्र के बीच महिला आरक्षण, जनसंख्या आधारित परिसीमन, एफसीआरए और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से सदन में कई अहम मुद्दों पर जवाब देने की मांग की है। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने महिला आरक्षण को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है।

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि अकाली दल महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि पार्टी जनसंख्या के आधार पर होने वाले परिसीमन के उस फॉर्मूले का विरोध करती है, जिससे पंजाब की लोकसभा सीटों की संख्या कम होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि अकाली दल 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पेश किए जाने के समय से ही इसका समर्थन करता रहा है। पार्टी ने उस समय भी मांग की थी कि महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाए। बादल के मुताबिक, अप्रैल में जब यह मुद्दा दोबारा सामने आया, तब भी अकाली दल ने महिला आरक्षण के समर्थन में अपना रुख कायम रखा।

जनसंख्या आधारित परिसीमन पर आपत्ति

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पार्टी की आपत्ति जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण को लेकर है। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में युवा और अन्य लोग दूसरे राज्यों में चले गए हैं।

उनके मुताबिक, अगर लोकसभा सीटों का निर्धारण केवल जनसंख्या के आधार पर किया जाता है तो इसका पंजाब को नुकसान हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इस फॉर्मूले के कारण पंजाब की मौजूदा 13 लोकसभा सीटों की संख्या घट सकती है।

अकाली दल का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू किया जाना चाहिए, लेकिन परिसीमन की ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे उन राज्यों को नुकसान पहुंचे, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है।

👁️ अब तक पढ़ा गया: बार

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.