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गया में भैंस के मालिकाना हक पर विवाद, अब DNA टेस्ट से होगा फैसला
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August 26, 2026
गया में भैंस के मालिकाना हक को लेकर अनोखा विवाद सामने आया है। एक ही भैंस पर दो पक्ष अपना-अपना दावा कर रहे हैं। मामला अब पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया है। विवाद का निष्पक्ष समाधान निकालने के लिए मगध प्रक्षेत्र के IG विकास वैभव ने भैंस का DNA टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। DNA जांच की रिपोर्ट के आधार पर भैंस के वास्तविक मालिक की पहचान की जाएगी।
मामला अतरी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। मोहड़ा के सेउतर निवासी सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले लापता हो गई थी। सूरज यादव ने भैंस की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। कुछ दिनों बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनकी भैंस उपथू के महाचक गांव स्थित नौरंगा टोली में है। वहां प्रकाश मांझी ने भैंस को अपने पास रखा था।
जानकारी मिलने के बाद सूरज यादव नौरंगा पहुंचे और भैंस को अपनी बताते हुए उसे वापस लेने का दावा किया। उन्होंने अतरी थाने में भैंस चोरी होने की शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने भैंस को थाने बुलाया और शुरुआती कार्रवाई के बाद उसे सूरज यादव को सौंप दिया।
वहीं, प्रकाश मांझी के पक्ष के लोगों ने भी भैंस पर अपना दावा किया है। उनका कहना है कि करीब चार साल पहले उनकी भैंस चोरी हो गई थी। उनका दावा है कि नौरंगा पहुंचने के बाद भैंस ने अपने पुराने घर को पहचान लिया और इसी वजह से वह वापस वहां लौट आई।
मामले में अतरी थाना प्रभारी पर एक पक्ष की मदद करने का आरोप भी लगाया गया। आरोपों के बाद भैंस को दोबारा थाने बुलाया गया और कुछ दिनों तक उसे थाने में रखा गया। फिलहाल भैंस को फिर से सूरज यादव को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए IG विकास वैभव ने ग्रामीण SP दिव्यांजलि जायसवाल को निष्पक्ष जांच करने और मामले में तेजी लाने का निर्देश दिया है। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग होने के कारण पुलिस के सामने भैंस के असली मालिक की पहचान करना मुश्किल हो गया है। इसी को देखते हुए अब DNA टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि भैंस वास्तव में किस पक्ष की है।
IG विकास वैभव ने कहा कि अतरी में भैंस को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद है। दोनों पक्ष भैंस पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच जरूरी है। वास्तविक मालिक का पता लगाने के लिए DNA जांच कराने का निर्देश दिया गया है।
अब इस पूरे मामले में DNA रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भैंस किसकी है। इसके बाद पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी और भैंस को उसके वास्तविक मालिक को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मिथिला हिन्दी न्यूज
संपादक: रोहित कुमार सोनू
