बीएनएमयू में 11 अतिथि शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी, अध्यापन पर रोक; तीन दिन में मांगा जवाब

मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) में 11 अतिथि शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र सत्यापन के दौरान फर्जी पाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी 11 अतिथि शिक्षकों के अध्यापन कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही सभी से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस संबंध में बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अशोक कुमार सिंह ने अधिसूचना जारी की है। कुलसचिव की ओर से जारी पत्र के अनुसार, इन शिक्षकों ने नियुक्ति के समय अनुभव प्रमाण पत्र जमा किए थे। इन्हीं प्रमाण पत्रों के आधार पर उन्हें अंकभार दिया गया था और उनकी सेवाएं ली जा रही थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाद में संबंधित संस्थानों और विश्वविद्यालयों से इन अनुभव प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान संबंधित संस्थानों से प्राप्त रिपोर्ट में प्रमाण पत्रों को फर्जी बताया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। सभी 11 अतिथि शिक्षकों को तीन दिनों के अंदर कुलसचिव कार्यालय में अपना स्पष्टीकरण जमा करने का निर्देश दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। कुलसचिव ने स्पष्ट किया है कि जब तक मामले में अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक सभी संबंधित अतिथि शिक्षक अध्यापन कार्य से मुक्त रहेंगे। विश्वविद्यालय के सभी संबंधित विभागाध्यक्षों और प्राचार्यों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर से शिक्षकों को इस कार्रवाई की जानकारी दें और अगले आदेश तक उनसे किसी भी प्रकार का शैक्षणिक कार्य नहीं लें। जिन 11 अतिथि शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें समाजशास्त्र के राज कुमार रजक, भूगोल की कुमारी पुष्पलता प्रिया, जंतु विज्ञान की सुरुचि चंद्रा और राहुल कश्यप, राजनीतिशास्त्र की ब्यूटी कुमारी, इतिहास के वीरभद्र, रसायनशास्त्र के बिट्टू कुमार मिश्र, एआईएच के मो. असरारुल हक, भूगोल के मनीष कुमार, इतिहास के शक्ति प्रसाद तिवारी और अरविंद कुमार शामिल हैं। इनमें राज कुमार रजक, मनीष कुमार, सुरुचि चंद्रा, बिट्टू कुमार मिश्र और मो. असरारुल हक एसएनएसआरकेएस कॉलेज या आरएम कॉलेज, सहरसा से जुड़े हैं। वहीं कुमारी पुष्पलता प्रिया और शक्ति प्रसाद तिवारी विश्वविद्यालय विभाग से, ब्यूटी कुमारी बीएनएमवी कॉलेज साहुगढ़, वीरभद्र टीपी कॉलेज मधेपुरा, राहुल कश्यप एमएचएम कॉलेज सोनवर्षा और अरविंद कुमार एसएनएसआरकेएस कॉलेज से जुड़े हैं। अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है। मिथिला हिन्दी न्यूज संपादक: रोहित कुमार सोनू
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