मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
देशभर में बैंकिंग सेवाओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बैंक कर्मचारी 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय हड़ताल पर जा सकते हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि वह बैंकिंग सेक्टर के करीब 90 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। इस बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों को राहत देने के लिए 28 से 30 सितंबर तक एटीएम ट्रांजैक्शन चार्ज माफ करने की घोषणा की है।
एसबीआई ने कहा है कि प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल के दौरान उसकी सभी बैंक शाखाएं खुली रहेंगी। बैंक की ओर से ग्राहकों को होने वाली संभावित परेशानियों को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह कर्मचारियों की भागीदारी और संबंधित व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।
वहीं, केंद्र सरकार ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) को रविवार, 27 सितंबर 2026 को भी खुले रहने का निर्देश दिया है। आमतौर पर रविवार को बैंक बंद रहते हैं, लेकिन प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है, ताकि बैंकिंग सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल सके।
दूसरी ओर, बैंक कर्मचारी यूनियनों ने तीन दिनों तक हड़ताल करने की अपनी योजना पर कायम रहने की बात कही है। यूनियनों की ओर से बैंक कर्मचारियों से रविवार को कार्यालय नहीं आने के लिए भी कहा गया है। ऐसे में सरकार और बैंक प्रबंधन की तैयारियों के बीच कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।
हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका के बीच ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे नकदी निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों की योजना पहले से बना लें। एसबीआई की ओर से एटीएम ट्रांजैक्शन चार्ज माफ करने की घोषणा से ग्राहकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक
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